देश की राजधानी दिल्ली में अपराधों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. वसंतकुंज में फैशन डिजाइनर की हत्या के बाद अब सरिता विहार इलाके में एक 73 साल की बुजुर्ग महिला सावित्री पांडे की गला रेतकर हत्या करने का मामला सामने आया है.
बुजुर्ग महिला की उन्हीं के घर में घुसकर हत्या कर दी गई. महिला की लाश मिलने से सनसनी फैल गई. घटना के समय महिला के पति किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे, जब वह घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी की लाश घर में सोफे पर पड़ी हुई है.
जानकारी के मुताबिक महिला के पति ने घर पहुंचकर देखा कि किसी ने उनकी पत्नी का गला रेतकर हत्या कर दी है और लाश सोफे पर पड़ी हुई है. बुजुर्ग महिला के पति ने पुलिस को तुरंत पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी दी.
मौका-ए-वारदात पर पुलिस ने पहुंचने के बाद तफ्तीश की तो उन्हें पता चला कि हत्या लूट या चोरी के मकसद से नहीं की गई है. पुलिस का कहना है कि घर से कोई भी सामान गायब नहीं है. पुलिस का दावा है कि जब बुजुर्ग महिला अकेली थी तो घर में किसी जानकार ने ही प्रवेश किया था.
हालांकि, दुर्घटना वाले घर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे थे, लेकिन ये कैमरे खराब निकले. एक कैमरा ड्रॉइंगरूम में और दूसरा घर के बाहर लगा था, लेकिन दोनों में से कोई भी काम नहीं कर रहा था.
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. पुलिस की मानें तो बुजुर्ग महिला का बेटा अपनी पत्नी के साथ घर के बगल में ही रहता है. पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग महिला के पति स्टॉक एक्सचेंज में डायरेक्टर रह चुके हैं.
साहित्य के अशोक'
साहित्य आजतक में लेखक अशोक वाजपेयी ने 'साहित्य के अशोक' सत्र में हिस्सा लिया और लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति और साहित्य पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने अपने जीवन से जुड़े कई किस्से भी बताए. चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को सबसे ज्यादा खतरा अभी है.
अशोक वाजपेयी ने अपनी पहले किताब संग्रह को लेकर बताया, 'पहला कविता संग्रह 'शहर अब भी संभावना है' आने से पहले मैं करीब 200 कविताएं लिख चुका था, लेकिन मैंने अपने पहले संग्रह में करीब 150 कविताओं खारिज कर दी थी और उसमें सिर्फ 50-55 किताबें शामिल की गई थी. इस पुस्तक से एक पुस्तक के रुप में मेरा साहित्य में प्रवेश हुआ.'
दस्तक दरबार मंच पर साहित्य और हम
मशहूर लेखक और शायर जावेद अख्तर साहित्य आजतक के मंच पर दर्शकों से रूबरू हुए. उन्होंने यहां अपनी मशहूर पंक्तियों, शायरी को लोगों को सुनाया और सभी का मन मोह लिया. जावेद अख्तर ने सुनाया...''मुझे ऐसा लगता है कि किसी ने साजिश रची है.''
जावेद अख्तर ने कहा कि देश में ऐसा कोई नहीं हो सकता जिसे अपने मुल्क से प्यार ना हो, ये सब प्राकृतिक है. हर व्यक्ति को अपने शहर से प्यार होता है, हर किसी को देश से प्यार होता है लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि मैं किसी से नफरत करता हूं. हमारे सभ्यता में रहा है कि असहमत होना पाप नहीं है.
जावेद अख्तर बोले कि हर किसी को देश का छोटा सा हिस्सा दिया गया है, उस व्यक्ति के पास अपनी गली है मोहल्ला है लेकिन क्या वह अपनी उस जगह से प्यार करता है. बात देश से प्यार करने की हो रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग विचार होना जरूरी है, अगर एक विचार हो तो दिक्कत है. जो लोग देश को हिट करना चाहते हैं वो कम्युनल नहीं होंगे.
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