Wednesday, December 5, 2018

ट्रम्प 250 मीटर दूर ब्लेयर हाउस तक भी लिमोजिन से गए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश (94) को श्रद्धांजलि दी। ट्रम्प ने ब्लेयर हाउस में एच डब्ल्यू बुश के बेटे जॉर्ज बुश और उनके परिवार से मुलाकात की। ट्रम्प के साथ अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प भी थीं। ये विजिट एक और वजह से चर्चा में रही। ट्रम्प ने राष्ट्रपति भवन से ब्लेयर हाउस तक महज 250 गज यानी करीब 200 मीटर की दूरी भी लिमोजिन और 7 गाड़ियों के काफिले के साथ तय की।

अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति थे जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश
जॉर्ज एच बुश का बीते शुक्रवार निधन हो गया था। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वे अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति थे। उन्होंने 1989 से 1993 तक ये जिम्मेदारी संभाली थी।

ट्रम्प की ब्लेयर हाउस विजिट करीब 23 मिनट की रही। इस दौरान उन्होंने जॉर्ज बुश और उनकी पत्नी लॉरा बुश से हाथ मिलाया। मिलानिया ने भी जॉर्ज बुश से आत्मीय मुलाकात की। 

लॉरा बुश ने ट्रम्प को ब्लेयर हाउस आने के लिए शुक्रिया कहा। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जाहिर की कि ट्रम्प और मिलेनिया ने बुश दंपती को क्रिसमस डेकोरेशन देखने के लिए व्हाइट हाउस आने का आमंत्रण दिया। 

बुश के छोटे भाई को ट्रम्प ने कहा था- कम ऊर्जा वाला
बुश और ट्रम्प के परिवारों के बीच लंबे अरसे से मतभेद चले आ रहे हैं। ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनाव के कैम्पेन के दौरान जॉर्ज बुश के छोटे भाई जेब बुश को कम ऊर्जा वाला कहा था। उधर, जेब ने भी ट्रम्प को अराजक प्रत्याशी कहा था।

जॉर्ज बुश ने भी 2016 में एक लेखक से कहा था कि ट्रम्प को राष्ट्रपति होने के मायने नहीं पता हैं। उनके पिता जॉर्ज एच बुश ने भी कहा था कि राष्ट्रपति चुनावों में उन्होंने हिलेरी क्लिंटन को वोट दिया था। उधर, ट्रम्प ने भी जॉर्ज बुश को अब तक का सबसे खराब राष्ट्रपति बताया था।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश का शुक्रवार रात करीब 10 बजे निधन हो गया। वे 94 साल के थे। सीनियर बुश 1989 से 1993 तक अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति रहे। इसके आठ साल बाद उनके बेटे जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने राष्ट्रपति पद संभाला। एचडब्ल्यू बुश की पत्नी बारबरा बुश का निधन भी इसी साल अप्रैल में हो गया था। जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश अगले राष्ट्रपति चुनाव में बिल क्लिंटन से हार गए थे। वे टेक्सास से सांसद रहे। इसके अलावा वे केंद्रीय जांच एजेंसी (सीआईए) के निदेशक भी रहे।

इराक ने 2 अगस्त 1990 में कुवैत पर आक्रमण किया। सद्दाम में कुवैत पर विवादित जगह से 2.4 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल चुराने का आरोप लगाया और 15 बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाने की मांग की। जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश ने सद्दाम को हिटलर जैसा करार देते हुए क्षेत्र में अमेरिकी सेनाएं भेज दीं। 24 फरवरी 1991 को अमेरिका ने इराक के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। महज 100 घंटे में अमेरिका ने इराक के खिलाफ जंग जीत ली। इसमें अमेरिका के महज 148 और इराक के 20 हजार से ज्यादा सैनिक मारे गए।

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